नागरिक पत्रकारिता में सर्टिफिकेट कोर्स: प्रभावशाली समाचार कैसे लिखें और खुद की पहचान कैसे बनाएं


Certificate Course in Citizen Journalism

दीपालय मैककैंडलिस फिलिप्स जर्नलिज्म इंस्टिट्यूट, द किंग्स कॉलेज, न्यू यॉर्क, यू. एस. ए., के सहयोग से शुरू कर रहा है:

नागरिक पत्रकारिता में सर्टिफिकेट कोर्स: प्रभावशाली समाचार कैसे लिखें और खुद की पहचान कैसे बनाएं

अवधि : ४ सप्ताह

कोर्स के बारे में:

नागरिक पत्रकारिता के अंग्रेजी पाठ्यक्रम की असीम सफलता के बाद, दीपालय हिंदी में यह कार्यक्रम शुरू कर रहा है। एक आम नागरिक भी प्रभावी पत्रकार बन सकता हैं। यह पाठ्यक्रम प्रतिभागियों, आम नागरिकों एवं प्रशिक्षित पत्रकारों को सक्षम नागरिक पत्रकार बनाने हेतु तैयार किया गया है। नागरिक पत्रकारिता का यह पाठ्यक्रम, जिसमें कि तीन मॉड्यूल होंगे, लाइव ऑनलाइन कक्षाओं, परस्पर संवादात्मक सत्र, असाइनमेंट और फीडबैक से परिपूर्ण है।

कार्यक्रम के दौरान इस बात पर चर्चा होगी कि यह नागरिक पत्रकार बनने का सबसे अनुकूल समय क्यों है और कोई व्यक्ति कैसे एक कुशल नागरिक पत्रकार बन सकता है। पाठ्यक्रम के अंतर्गत प्रतिभागी सीख सकेंगे कि आम नागरिक प्रभावशाली समाचार कैसे जनता के सामने ला सकते हैं।

हमारे पास निपुण शिक्षकों का दल है, जो कि प्रतिभागियों का मार्गदर्शन करेगी और उन्हें पत्रकारिता की बारीकियां सिखाएगी। पाठ्यक्रम के माध्यम से, प्रतिभागी स्थानीय अधिकारियों, राजनीतिक और सामाजिक संगठनों पर बारीकी से निगरानी और उन पर रिपोर्ट करना सीखेंगे। इसके अलावा, वे उपयुक्त माध्यम या प्लेटफॉर्म का चयन कर पाएंगे जिससे कि वो अपनी रिपोर्ट जनता के समक्ष सफलतापूर्वक प्रस्तुत कर सकें ।

यह पाठ्यक्रम न केवल प्रतिभागियों को स्थानीय मुद्दों को समझने में सक्षम करेगा, अपितु यह भी सुइश्चित करेगा कि वे खबर को पहचान पाएं और उसे उपयुक्त माध्यम द्वारा रिपोर्ट करें। उन्हें समाचार संकलन की बारीकियो से अवगत कराया जायेगा और मुख्यधारा की पत्रकारिता से भिन्न और बेहतर रिपोर्टिंग करना सिखाया जायेगा।

योग्यता:

स्नातक तथा पत्रकारिता में रुचि रखने वाले

कंप्यूटर और इंटरनेट सम्बन्धी ज्ञान

रोज़गार के अवसर:

फ्रीलांस पत्रकारिता में रोज़गार, ऑनलाइन लेखन कैरियर, मुख्यधारा की मीडिया के लिए समाचार स्रोत

आप क्या सीखेंगे?

1.नागरिक पत्रकारिता का परिचय

2. रिपोर्टिंग, समाचार व फीचर लेखन एवं संपादन

3. पत्रकारिता में रूझानों का विश्लेषण करने की क्षमता

4. पत्रकारिता के वैकल्पिक रूपों में अवसरों को पहचानने की योग्यता

5. शोध करना और शोध उपकरणों का उपयोग

6. अपनी लेखन शैली, व्याकरण, स्पष्टता और सटीकता का मूल्यांकन करना

7.अपने विचार को सटीकता के साथ प्रस्तुत करना व उन्हें प्रकाशित करना

8. नागरिक पत्रकारिता की नैतिकता का ज्ञान (फ़र्ज़ी समाचार व साहित्यिक चोरी की पहचान कर छांटना)

9. मल्टीमीडिया स्वरूपों में जानकारी प्रदान करने की क्षमता

10. विभिन्न मीडिया प्रारूपों के माध्यम से सामूहिक रिपोर्टिंग करना

11. मोबाइल फ़ोटोग्राफ़ी, वीडियो बनाना और संपादन

12. सोशल मीडिया के लिए लेखन और ब्लॉगिंग संपादन

आवेदन की अंतिम तिथि

10 अक्टूबर, 2020  

 

कोर्स आरम्भ :

15 अक्टूबर, 2020 को शाम 6 बजे उद्घाटन समारोह के साथ

कक्षा का समय:

शाम 6:00 से 7:30 बजे

प्रवेश के लिए :

प्रवेश पत्र भरने के लिए (http://bit.ly/cjbatch2).पर क्लिक करें

कोर्स शुल्क:

4000 रु (शुल्क का उपयोग दीपालय द्वारा धर्मार्थ कार्यों के लिए किया जाएगा।)

शिक्षक दल :

नलिन वर्मा

वरिष्ठ पत्रकार नलिन वर्मा बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री श्री लालू प्रसाद यादव की आत्मकथा, ‘गोपालगंज से रायसीना — मेरी राजनीतिक यात्रा’ व बिहार में विलुप्त हो रही लोक कथाओं पर आधारित पुस्तक ‘द ग्रेटेस्ट फोक टेल्स ऑफ बिहार’ के लेखक हैं। इन्होंने वर्ष 1989 में दैनिक अखबार ‘हिंदुस्तान’ से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। श्री वर्मा कई जाने-माने मीडिया संगठनों, जैसे द वायर, द हिन्दू, फ्रंटलाइन, द टेलीग्राफ़, द नेशनल हेराल्ड, आदि में लेख और स्तम्भ लिखते रहे हैं। श्री वर्मा विभिन्न मीडिया संस्थानों में पत्रकारिता की शिक्षा भी देते हैं।.


अनिल चमड़िया

जाने-माने स्तंभकार और मीडिया शिक्षाविद श्री अनिल चमड़िया ‘मास मीडिया’ और ‘जन मीडिया’ नामक पत्रिकाओं के संपादक और मीडिया थिंक टैंक ‘मीडिया अध्ययन समूह’ के अध्यक्ष हैं। इसके साथ ही, श्री चमड़िया भारतीय जन संचार संस्थान, दिल्ली विश्वविद्यालय और जामिया मिलिया इस्लामिया में विजिटिंग फैकल्टी रहे हैं। इन्होंने महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय में जन संचार का अध्यापन भी किया है। श्री चमड़िया ने पत्रकारिता की शुरुआत 1980 के दशक में की थी। इन तीन दशकों के दौरान इन्होंने कई न्यूज़ चैनलों और प्रतिष्ठित मीडिया संगठनों में काम किया। श्री चामड़िया का नाम दिल्ली के प्रतिष्ठित बुद्धिजीवियों में शुमार है।


संतोष के. जॉय

दिग्गज पत्रकार श्री संतोष के. जॉय का संचार के क्षेत्र में कई वर्षों का समृद्ध अनुभव रहा है। स्वतंत्र वरिष्ठ पत्रकार व संचार शोधकर्ता, श्री जॉय सामाजिक और विधान-सम्बन्धी मुद्दों पर लेखन करते हैं। श्री जॉय ने कॉन्स्टीट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया के अनुसंधान और कार्यक्रम प्रभाग का भी नेतृत्व किया है। इनका प्रिंट, प्रसारण और मल्टीमीडिया पत्रकारिता में व्यापक अनुभव रहा है। इन्होंने अपना करियर डी.डी. न्यूज के साथ बतौर वरिष्ठ संवाददाता के रूप में शुरू किया। श्री जॉय ने भारत की प्रमुख वायर एजेंसी ‘द प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया’, ‘वॉल स्ट्रीट जर्नल- मिंट’ के साथ भी कार्य किया है।


पी. एम. नारायणन

वरिष्ठ टेलीविजन पत्रकार श्री पी. एम. नारायणन जर्मनी की सबसे बड़ी सार्वजनिक प्रसारक ए.आर.डी. फर्स्ट जर्मन टेलीविजन के लिए दक्षिण एशिया क्षेत्र से समाचार और फ़ीचर प्रस्तुत करते हैं। श्री नारायणन ने अपने करियर की शुरुआत 1995 में भारत के पहले अंग्रेजी चैनल ‘द बी टीवी’ के साथ की। अपने 25 वर्षों के करियर में श्री नारायणन ने चैनल 4, यू. के., ए.एन.आई, रॉयटर्स आदि के साथ भी कार्य किया। श्री नारायणन मोबाइल जर्नलिज्म, मोबाइल फिल्म मेकिंग, फैक्ट चेकिंग, इंटरनेशनल रिपोर्टिंग जैसे विभिन्न विषयों पर पत्रकारों एवं अन्य के लिए कार्यशालाएं आयोजित करते रहे हैं।


विवेक शुक्ला

वरिष्ठ पत्रकार व स्तंभकार श्री विवेक शुक्ला ने अपने करियर की शुरुआत 1980 के दशक में की। तीस वर्षों से अधिक के कार्यकाल में श्री शुक्ला ने भारत के लगभग सभी प्रमुख अंग्रेजी व हिंदी अखबारों में समसामयिक मुद्दों पर 10 हजार से अधिक संपादकीय व फ़ीचर लेख लिखे। श्री शुक्ला हिंदुस्तान टाइम्स, हिंदुस्तान, इंडियन एक्सप्रेस, दैनिक ट्रिब्यून और द इवनिंग न्यूज में स्तंभकार रहे हैं। वर्तमान में श्री शुक्ला के लेख नवभारत टाइम्स और दैनिक जागरण में प्रकाशित होते हैं। श्री शुक्ला ने न्यूज 24 चैनल के ऑनलाइन प्रभाग के प्रमुख व सोमैया प्रकाशन के प्रमुख के रूप में भी कार्य किया है। श्री शुक्ला ‘गांधीज डेल्ही’ पुस्तक के लेखक हैं। उन्होंने के. जे. सोमैया की जीवनी का संपादन भी किया है। श्री शुक्ला आजकल ‘नई दिल्ली के विस्मृत वास्तुकारों’ पर एक पुस्तक पर कार्य कर रहे हैं।


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